Welcome to the fifth episode of Podbharti Lite. There are about 3000 Hindi blogs out there and they have heavily metamorphed during the past 5 years. From the initial Tech talks to Bhadas-ical tone to poetry, Hindi blogdom has seen all kinds of writings, sometimes dejecting them but most of times embracing them. Ravi Ratlami is a known name in Hindi blogging and has seen this evolution. In this talk he discusses the changing face of writings on Hindi blogs.
पॉडभारती लाईट का यह पाँचवां अंक है। हिन्दी चिट्ठों यानि ब्लॉग्स के एग्रीगेटर चिट्ठा जगत की मानी जाय तो चिट्ठों की संख्या 3000 की संख्या पार कर चुकी है। और 5 साल के दरम्यान में हिन्दी चिट्ठों के लेखन की दशा और दिशा में भी भारी बदलाव हुआ। तकनीकी और छिटपुट लेखन से भड़ासिया लेखन तक और समाचार विवेचन से और कवित्त सवैया छंद तक। हिन्दी चिट्ठों ने हर लेखन शैली को कभी बंद तो कभी खुली बाहों से स्वीकारा है। रवि रतलामी हिन्दी के जानेमाने चिट्ठाकार हैं और इस अनोखे परिवर्तन के साक्षी भी। चिट्ठामंडल में बदलाव, विविधता और संभावनाओं का वे जायजा ले रहे हैं अपनी वार्ता “हिन्दी ब्लॉगः नये लेखक, नये तेवर, नई रचनायें” में।
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2 Comments, Comment or Ping
Dr.Arvind Mishra
रतलामी जी को सुनना अच्छा लगा –पर विज्ञान पर एक शब्द भी नहीं …..टेक्नोलॉजी का नाम जरूर लिया उन्होंने .क्या हिन्दी ब्लागजगत स्तरीय विज्ञान से अछूता है ?
Aug 29th, 2008
debashish
अरविंद: विज्ञान पर चिट्ठे तो मेरे मुताबिक भी कम हैं, अगर हैं तो फिर उनके बारे में जानकारी कम है।
Aug 29th, 2008
Reply to “Ep-5: हिन्दी ब्लॉगः नये लेखक, नये तेवर”